दीपावली 2025 Deepavali 2025: Tithi, Shubh Muhurat aur Mahatva

दीपावली 2025: जानिए तिथि, शुभ मुहूर्त और इस महापर्व का महत्व

दीपावली, जिसे दिवाली के नाम से भी जाना जाता है, भारत के सबसे बड़े और सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। यह पर्व अंधकार पर प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। “रोशनी का त्योहार” कहा जाने वाला यह पर्व पूरे देश में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।

साल 2025 में दीपावली कब है?

पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को दीपावली का पर्व मनाया जाता है। साल 2025 में, दीपावली का मुख्य पर्व शुक्रवार, 31 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा। इसी दिन धन की देवी माँ लक्ष्मी और विघ्नहर्ता भगवान गणेश की पूजा का विधान है।

लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त:

  • प्रदोष काल: शाम 05:38 बजे से रात 08:16 बजे तक।
  • वृषभ काल: शाम 06:41 बजे से रात 08:38 बजे तक।

दीपावली का पांच दिवसीय उत्सव

दीपावली केवल एक दिन का त्योहार नहीं है, बल्कि यह पांच दिनों तक चलने वाला एक महापर्व है:

  1. धनतेरस (29 अक्टूबर 2025): इस दिन लोग सोना, चांदी और नए बर्तन खरीदना शुभ मानते हैं। यह दिन भगवान धनवंतरि को समर्पित है।
  2. नरक चतुर्दशी या छोटी दिवाली (30 अक्टूबर 2025): इस दिन मृत्यु के देवता यमराज के लिए दीपक जलाया जाता है और भगवान कृष्ण द्वारा नरकासुर के वध का उत्सव मनाया जाता है।
  3. दीपावली (31 अक्टूबर 2025): यह त्योहार का मुख्य दिन है। इस दिन शाम को माँ लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है।
  4. गोवर्धन पूजा (1 नवंबर 2025): इस दिन भगवान कृष्ण द्वारा इंद्र के अहंकार को तोड़ने और गोवर्धन पर्वत उठाने के उपलक्ष्य में यह पूजा की जाती है।
  5. भाई दूज (2 नवंबर 2025): यह पर्व भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक है, जहाँ बहनें अपने भाई की लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करती हैं।

दीपावली का महत्व

दीपावली का सबसे प्रसिद्ध महत्व भगवान राम के 14 वर्षों के वनवास के बाद अपनी पत्नी सीता और भाई लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटने से जुड़ा है। उनके आगमन की खुशी में अयोध्यावासियों ने पूरे नगर को दीपों से सजाया था, और तभी से यह परंपरा चली आ रही है।

यह त्योहार जीवन में नई शुरुआत, सकारात्मकता और समृद्धि का संदेश देता है। लोग अपने घरों को साफ करते हैं, दीयों और लाइटों से सजाते हैं, नए कपड़े पहनते हैं, और दोस्तों तथा परिवार के साथ मिठाइयों और उपहारों का आदान-प्रदान करते हैं।

संक्षेप में, दीपावली सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि एक ऐसा उत्सव है जो हमें परिवार, रिश्तों और सांस्कृतिक मूल्यों के महत्व की याद दिलाता है।

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